समय के साथ हमारी प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं में बदलाव आया है, इसका कारण हमारी बदलती जीवनशैली भी है। जीवनशैली (lifestyle) में बड़े परिवर्तन के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें निःसंतानता (Infertility) भी एक है। आज देश में संतान की चाह रखने वाले लगभग 10 से 15 प्रतिशत दम्पतियों को निःसंतानता का सामना करना पड़ रहा है।
